💔 कविता: "एक ख़ामोशी
💔 कविता: "एक ख़ामोशी जो तेरे नाम रही..." रात की तन्हाई में जब चाँद भी सो जाता है, तब …
💔 कविता: "एक ख़ामोशी जो तेरे नाम रही..." रात की तन्हाई में जब चाँद भी सो जाता है, तब …
💔 कविता: “मैं आज भी वहीं हूँ…” मैं आज भी वहीं हूँ, जहाँ तुमने मुझे छोड़ा था। वक़्त ने आगे बढ़ने…
🔥 कविता: “मैं गिरा जरूर, पर टूटा नहीं...” मैं गिरा जरूर, पर टूटा नहीं, हर चोट से कुछ सीखा, हर आ…
💥 कविता: "थोड़ा और सह, तू हार नहीं सकता..." थक गया है? रुकना चाहता है? चलो, कुछ पल ब…
🌸 कविता: “माँ अब भी मेरे पास है…” जब पहली बार चलना सीखा था, तेरे हाथ थे जो थामे रहे — बिना थके।…
🤝 कविता: “दोस्ती वो रिश्ता है...” दोस्ती वो रिश्ता है, जो खून से नहीं, एहसास से जुड़ता है। ना …
🌿 कहानी: एक चायवाले की उड़ान कहानी: वो रोज़ सुबह स्टेशन के बाहर एक पुरानी केतली में…
🌸 कहानी: वो आखिरी चिट्ठी गाँव का छोटा-सा घर। दीवारों पर मां के हाथों से बनाएं फूल-पत्ते…
💌 कहानी: तुम्हारी पसंदीदा कॉफी वो लाइब्रेरी में रोज़ आती थी — बाल खुले, आंखों में किताब…